ग्रह गोचर 2026
ग्रह गोचर 2026
2026 में सूर्य, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु के सभी राशि परिवर्तन, वक्री अवधि और अस्त समय की पूरी सूची। हर तिथि शास्त्रीय पंचांग गणना से सत्यापित; समय भारतीय समय (IST) में।
ग्रह गोचर क्या है
ज्योतिष में गोचर का अर्थ है ग्रहों का राशि से राशि में चलना। जन्म के समय ग्रह जहां थे, वह आपकी जन्म कुंडली है; आज ग्रह जहां हैं, वह गोचर है। पंचांग में हर दिन की ग्रह स्थिति इसी गोचर से निकलती है।
जब कोई ग्रह एक राशि छोड़कर अगली राशि में प्रवेश करता है, तो उसे राशि परिवर्तन कहते हैं। सूर्य हर माह राशि बदलता है, और शनि एक राशि में लगभग ढाई वर्ष रहता है। हर ग्रह की अपनी गति है, इसलिए गोचर की तिथियां हर वर्ष बदलती हैं।
कभी-कभी कोई ग्रह पृथ्वी से देखने पर पीछे हटता दिखता है, इसे वक्री कहते हैं। जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत निकट आ जाता है तो सूर्य के तेज में उसकी किरणें दब जाती हैं, इसे अस्त कहते हैं। परंपरा में वक्री और अस्त ग्रहों के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
यह पृष्ठ 2026 के सभी प्रमुख गोचरों की तिथियां और समय देता है। गोचर सामान्य दिशा दिखाता है; किसी व्यक्ति पर इसका सटीक प्रभाव उसकी जन्म कुंडली से तय होता है।
सूर्य गोचर 2026
सूर्य आत्मविश्वास, प्रतिष्ठा, पिता और सरकारी कार्यों का कारक है। सूर्य हर माह राशि बदलता है और इस परिवर्तन को संक्रांति कहते हैं। मकर संक्रांति से उत्तरायण आरंभ होता है। 2026 में सूर्य के 12 राशि परिवर्तन नीचे हैं। सूर्य कभी वक्री नहीं होता और न ही अस्त होता है।
| तिथि | वार | समय (IST) | से राशि | तक राशि | दिशा |
|---|---|---|---|---|---|
| 14 जनवरी 2026 | बुधवार | 14:59 | धनु (Sagittarius) | मकर (Capricorn) | मार्गी |
| 13 फरवरी 2026 | शुक्रवार | 04:00 | मकर (Capricorn) | कुंभ (Aquarius) | मार्गी |
| 15 मार्च 2026 | रविवार | 00:54 | कुंभ (Aquarius) | मीन (Pisces) | मार्गी |
| 14 अप्रैल 2026 | मंगलवार | 09:24 | मीन (Pisces) | मेष (Aries) | मार्गी |
| 15 मई 2026 | शुक्रवार | 06:13 | मेष (Aries) | वृषभ (Taurus) | मार्गी |
| 15 जून 2026 | सोमवार | 12:43 | वृषभ (Taurus) | मिथुन (Gemini) | मार्गी |
| 16 जुलाई 2026 | गुरुवार | 23:29 | मिथुन (Gemini) | कर्क (Cancer) | मार्गी |
| 17 अगस्त 2026 | सोमवार | 07:48 | कर्क (Cancer) | सिंह (Leo) | मार्गी |
| 17 सितंबर 2026 | गुरुवार | 07:43 | सिंह (Leo) | कन्या (Virgo) | मार्गी |
| 17 अक्टूबर 2026 | शनिवार | 19:42 | कन्या (Virgo) | तुला (Libra) | मार्गी |
| 16 नवंबर 2026 | सोमवार | 19:33 | तुला (Libra) | वृश्चिक (Scorpio) | मार्गी |
| 16 दिसंबर 2026 | बुधवार | 10:15 | वृश्चिक (Scorpio) | धनु (Sagittarius) | मार्गी |
मंगल गोचर 2026
मंगल ऊर्जा, साहस, भूमि और संपत्ति से जुड़े कार्यों का कारक है। 2026 में मंगल 8 बार राशि बदलेगा और इस वर्ष वक्री नहीं होगा।
| तिथि | वार | समय (IST) | से राशि | तक राशि | दिशा |
|---|---|---|---|---|---|
| 16 जनवरी 2026 | शुक्रवार | 04:17 | धनु (Sagittarius) | मकर (Capricorn) | मार्गी |
| 23 फरवरी 2026 | सोमवार | 11:39 | मकर (Capricorn) | कुंभ (Aquarius) | मार्गी |
| 2 अप्रैल 2026 | गुरुवार | 15:18 | कुंभ (Aquarius) | मीन (Pisces) | मार्गी |
| 11 मई 2026 | सोमवार | 12:27 | मीन (Pisces) | मेष (Aries) | मार्गी |
| 20 जून 2026 | शनिवार | 23:47 | मेष (Aries) | वृषभ (Taurus) | मार्गी |
| 2 अगस्त 2026 | रविवार | 22:37 | वृषभ (Taurus) | मिथुन (Gemini) | मार्गी |
| 18 सितंबर 2026 | शुक्रवार | 16:20 | मिथुन (Gemini) | कर्क (Cancer) | मार्गी |
| 12 नवंबर 2026 | गुरुवार | 19:58 | कर्क (Cancer) | सिंह (Leo) | मार्गी |
मंगल अस्त 2026
| अस्त अवधि |
|---|
| 1 जनवरी - 26 मार्च 2026† |
बुध गोचर 2026
बुध बुद्धि, व्यापार, संवाद, लेखन और शिक्षा का कारक है। 2026 में बुध 14 बार राशि बदलेगा और 3 बार वक्री होगा। वक्री बुध के समय संवाद, यात्रा और दस्तावेज़ों में सावधानी की परंपरागत सलाह दी जाती है।
| तिथि | वार | समय (IST) | से राशि | तक राशि | दिशा |
|---|---|---|---|---|---|
| 17 जनवरी 2026 | शनिवार | 10:18 | धनु (Sagittarius) | मकर (Capricorn) | मार्गी |
| 3 फरवरी 2026 | मंगलवार | 21:47 | मकर (Capricorn) | कुंभ (Aquarius) | मार्गी |
| 11 अप्रैल 2026 | शनिवार | 01:09 | कुंभ (Aquarius) | मीन (Pisces) | मार्गी |
| 30 अप्रैल 2026 | गुरुवार | 06:48 | मीन (Pisces) | मेष (Aries) | मार्गी |
| 15 मई 2026 | शुक्रवार | 00:28 | मेष (Aries) | वृषभ (Taurus) | मार्गी |
| 29 मई 2026 | शुक्रवार | 11:07 | वृषभ (Taurus) | मिथुन (Gemini) | मार्गी |
| 22 जून 2026 | सोमवार | 15:14 | मिथुन (Gemini) | कर्क (Cancer) | मार्गी |
| 7 जुलाई 2026 | मंगलवार | 11:04 | कर्क (Cancer) | मिथुन (Gemini) | वक्री |
| 5 अगस्त 2026 | बुधवार | 19:46 | मिथुन (Gemini) | कर्क (Cancer) | मार्गी |
| 22 अगस्त 2026 | शनिवार | 19:27 | कर्क (Cancer) | सिंह (Leo) | मार्गी |
| 7 सितंबर 2026 | सोमवार | 13:27 | सिंह (Leo) | कन्या (Virgo) | मार्गी |
| 26 सितंबर 2026 | शनिवार | 12:31 | कन्या (Virgo) | तुला (Libra) | मार्गी |
| 2 दिसंबर 2026 | बुधवार | 17:21 | तुला (Libra) | वृश्चिक (Scorpio) | मार्गी |
| 22 दिसंबर 2026 | मंगलवार | 07:33 | वृश्चिक (Scorpio) | धनु (Sagittarius) | मार्गी |
बुध वक्री 2026
| वक्री अवधि |
|---|
| 26 फरवरी - 21 मार्च 2026 |
| 29 जून - 24 जुलाई 2026 |
| 24 अक्टूबर - 13 नवंबर 2026 |
बुध अस्त 2026
| अस्त अवधि |
|---|
| 1 जनवरी - 9 फरवरी 2026† |
| 1 - 13 मार्च 2026 |
| 2 - 26 मई 2026 |
| 5 - 21 जुलाई 2026 |
| 14 अगस्त - 13 सितंबर 2026 |
| 30 अक्टूबर - 10 नवंबर 2026 |
| 7 - 31 दिसंबर 2026† |
गुरु गोचर 2026
गुरु ज्ञान, धर्म, विवाह, संतति और समृद्धि का कारक है। 2026 में गुरु 2 बार राशि बदलेगा: 2 जून को कर्क में प्रवेश करेगा, जहां गुरु उच्च का होता है, और 31 अक्टूबर को सिंह में जाएगा। वर्ष के आरंभ और अंत में गुरु वक्री रहेगा।
| तिथि | वार | समय (IST) | से राशि | तक राशि | दिशा |
|---|---|---|---|---|---|
| 2 जून 2026 | मंगलवार | 01:04 | मिथुन (Gemini) | कर्क (Cancer) | मार्गी |
| 31 अक्टूबर 2026 | शनिवार | 10:48 | कर्क (Cancer) | सिंह (Leo) | मार्गी |
गुरु वक्री 2026
| वक्री अवधि |
|---|
| 11 नवंबर 2025 - 11 मार्च 2026 |
| 13 दिसंबर 2026 - 13 अप्रैल 2027 |
गुरु अस्त 2026
| अस्त अवधि |
|---|
| 15 जुलाई - 13 अगस्त 2026 |
शुक्र गोचर 2026
शुक्र प्रेम, विवाह, कला, विलासिता और सुख-सुविधा का कारक है। 2026 में शुक्र 12 बार राशि बदलेगा और 3 अक्टूबर से 14 नवंबर तक वक्री रहेगा। वक्री शुक्र के समय संबंधों और बड़े क्रयों पर पुनर्विचार की परंपरागत सलाह दी जाती है।
| तिथि | वार | समय (IST) | से राशि | तक राशि | दिशा |
|---|---|---|---|---|---|
| 13 जनवरी 2026 | मंगलवार | 03:51 | धनु (Sagittarius) | मकर (Capricorn) | मार्गी |
| 6 फरवरी 2026 | शुक्रवार | 01:04 | मकर (Capricorn) | कुंभ (Aquarius) | मार्गी |
| 2 मार्च 2026 | सोमवार | 00:49 | कुंभ (Aquarius) | मीन (Pisces) | मार्गी |
| 26 मार्च 2026 | गुरुवार | 05:02 | मीन (Pisces) | मेष (Aries) | मार्गी |
| 19 अप्रैल 2026 | रविवार | 15:40 | मेष (Aries) | वृषभ (Taurus) | मार्गी |
| 14 मई 2026 | गुरुवार | 10:46 | वृषभ (Taurus) | मिथुन (Gemini) | मार्गी |
| 8 जून 2026 | सोमवार | 17:35 | मिथुन (Gemini) | कर्क (Cancer) | मार्गी |
| 4 जुलाई 2026 | शनिवार | 19:05 | कर्क (Cancer) | सिंह (Leo) | मार्गी |
| 1 अगस्त 2026 | शनिवार | 09:18 | सिंह (Leo) | कन्या (Virgo) | मार्गी |
| 2 सितंबर 2026 | बुधवार | 13:32 | कन्या (Virgo) | तुला (Libra) | मार्गी |
| 6 नवंबर 2026 | शुक्रवार | 01:32 | तुला (Libra) | कन्या (Virgo) | वक्री |
| 22 नवंबर 2026 | रविवार | 16:51 | कन्या (Virgo) | तुला (Libra) | मार्गी |
शुक्र वक्री 2026
| वक्री अवधि |
|---|
| 3 अक्टूबर - 14 नवंबर 2026 |
शुक्र अस्त 2026
| अस्त अवधि |
|---|
| 1 जनवरी - 17 फरवरी 2026† |
| 19 - 28 अक्टूबर 2026 |
शनि गोचर 2026
शनि कर्म, अनुशासन, धैर्य और दीर्घकालिक परिश्रम का कारक है। 2026 में शनि का कोई राशि परिवर्तन नहीं है; शनि पूरे वर्ष मीन राशि में रहेगा। 27 जुलाई से 11 दिसंबर तक शनि वक्री रहेगा।
शनि वक्री 2026
| वक्री अवधि |
|---|
| 27 जुलाई - 11 दिसंबर 2026 |
शनि अस्त 2026
| अस्त अवधि |
|---|
| 8 मार्च - 11 अप्रैल 2026 |
राहु गोचर 2026
राहु महत्वाकांक्षा, असाधारण अवसर और नए प्रयोगों का कारक है। राहु सदा वक्री गति में चलता है और लगभग 18 माह में राशि बदलता है। 6 दिसंबर 2026 को राहु कुंभ से मकर में प्रवेश करेगा।
| तिथि | वार | समय (IST) | से राशि | तक राशि | दिशा |
|---|---|---|---|---|---|
| 6 दिसंबर 2026 | रविवार | 00:23 | कुंभ (Aquarius) | मकर (Capricorn) | वक्री |
केतु गोचर 2026
केतु वैराग्य, आध्यात्मिकता और आत्मचिंतन का कारक है। केतु सदा राहु के ठीक सामने, वक्री गति में चलता है। 6 दिसंबर 2026 को केतु सिंह से कर्क में प्रवेश करेगा।
| तिथि | वार | समय (IST) | से राशि | तक राशि | दिशा |
|---|---|---|---|---|---|
| 6 दिसंबर 2026 | रविवार | 00:23 | सिंह (Leo) | कर्क (Cancer) | वक्री |
2027 की झलक: गणना आधारित तिथियां
2027 की नीचे दी गई तिथियां उसी शास्त्रीय गणना प्रणाली से निकाली गई हैं, लेकिन अभी बाहरी स्रोतों से सत्यापित नहीं हैं। इन्हें प्रारंभिक मार्गदर्शन की तरह देखें।
| ग्रह | 2027 की प्रमुख घटना | तिथि / अवधि |
|---|---|---|
| सूर्य | 12 संक्रांतियां (राशि परिवर्तन) | प्रथम: 14 जनवरी 2027 |
| मंगल | वक्री; 7 राशि परिवर्तन | 10 जनवरी - 1 अप्रैल 2027 |
| बुध | 3 बार वक्री; 16 राशि परिवर्तन | 9 फरवरी - 3 मार्च; 10 जून - 5 जुलाई; 7 - 28 अक्टूबर 2027 |
| गुरु | 3 राशि परिवर्तन | 25 जनवरी (वक्री गति से कर्क में); 26 जून (सिंह में); 26 नवंबर (कन्या में) |
| शुक्र | 15 राशि परिवर्तन; कोई वक्री नहीं | पूरे वर्ष मार्गी |
| शनि | मेष में प्रवेश; वक्री 9 अगस्त - 24 दिसंबर | 3 जून 2027 को मेष में; 20 अक्टूबर को वक्री गति से मीन में वापसी |
| राहु / केतु | 2027 में कोई राशि परिवर्तन नहीं | - |
ये तिथियां कैसे निकाली गईं
इस पृष्ठ की सभी 2026 तिथियां DE440 खगोलीय गणना और लाहिड़ी अयनांश से निकाली गई हैं। हर गोचर और वक्री तिथि की दो बाहरी पंचांग स्रोतों से जांच की गई है।
अस्त अवधि सूर्य और ग्रह के बीच की दूरी (elongation) पर आधारित गणना है। बुध और गुरु की अस्त अवधियों की बाहरी स्रोतों से पुष्टि हुई है, जबकि मंगल, शुक्र और शनि की अस्त अवधियां केवल गणना पर आधारित हैं और ऊपर स्पष्ट रूप से चिह्नित हैं।
राहु और केतु की तिथि मध्यम छाया ग्रह (mean node) पर आधारित है। 2027 की तिथियां गणना आधारित हैं और अभी सत्यापित नहीं हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ग्रह गोचर क्या है?
शनि एक राशि में कितने समय तक रहता है?
वक्री का क्या अर्थ है?
अस्त का क्या अर्थ है?
2026 के सबसे महत्वपूर्ण गोचर कौन से हैं?
राहु और केतु हमेशा वक्री क्यों रहते हैं?
गोचर की तिथियां कैसे निकाली जाती हैं?
क्या गोचर से मेरा व्यक्तिगत भविष्य निश्चित होता है?
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अपने शहर के लिए गोचर देखना है?
हमारा इंटरैक्टिव गोचर पृष्ठ आपके स्थान और समय क्षेत्र के अनुसार हर ग्रह की वर्तमान राशि दिखाता है।
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