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रोज़ का पंचांग

आज का पंचांग

. The Panchang is the Vedic daily calendar: five limbs that describe the quality of the day. Learn what each limb means below, then open the live Panchang for your city." data-hi="आज <strong id="today-line"></strong> है। पंचांग वैदिक दैनिक कैलेंडर है: पांच अंग जो दिन की गुणवत्ता बताते हैं। नीचे प्रत्येक अंग का अर्थ जानें, फिर अपने शहर का लाइव पंचांग खोलें।">आज <strong id="today-line"></strong> है। पंचांग वैदिक दैनिक कैलेंडर है: पांच अंग जो दिन की गुणवत्ता बताते हैं। नीचे प्रत्येक अंग का अर्थ जानें, फिर अपने शहर का लाइव पंचांग खोलें।

पंचांग क्या है?

पंचांग का अर्थ है पांच अंग। यह वैदिक पंचांग है जो दिन के पांच तत्वों का हिसाब रखता है: वार (सप्ताह का दिन), तिथि (चंद्र दिवस), नक्षत्र (चंद्र भवन), योग (सूर्य-चंद्र संयोग) और करण (तिथि का आधा भाग)। सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल और चंद्र राशि के साथ ये तय करते हैं कि दिन आपकी योजनाओं के अनुकूल है या नहीं।

पांच अंग, सरल भाषा में

  • वार: प्रत्येक दिन का स्वामी ग्रह होता है। पंचांग का दिन सूर्योदय से शुरू होता है।
  • तिथि: चंद्र मास में 30 तिथियां, प्रतिपदा से पूर्णिमा या अमावस्या तक। कुछ तिथियां शुरुआत के लिए शुभ, कुछ नहीं।
  • नक्षत्र: चंद्र पथ के 27 भाग। प्रत्येक नक्षत्र का अपना स्वभाव और अनुकूल कार्य हैं।
  • योग: सूर्य और चंद्रमा के अंशों के 27 संयोग, साथ में सर्वार्थ सिद्धि और द्विपुष्कर जैसे विशेष मुहूर्त योग।
  • करण: तिथि का आधा भाग; सात चर और चार स्थिर करण, प्रत्येक का अपना स्वभाव।

राहुकाल और शुभ समय

राहुकाल हर दिन लगभग 90 मिनट की अवधि है, जो वार के अनुसार बदलती है और महत्वपूर्ण शुरुआत के लिए पारंपरिक रूप से वर्जित है। यमगंड और गुलिक काल इसी तरह की अवधियां हैं। दिन में शुभ समय चुनने के लिए चौघड़िया (दिन के आठ और रात के आठ भाग) और होरा (ग्रहीय घंटे) देखें: अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया तथा गुरु, शुक्र, बुध और चंद्रमा की होरा पसंद की जाती है।

60 सेकंड में रोज़ का पंचांग कैसे पढ़ें

  1. तिथि और नक्षत्र देखें: क्या वे आपकी योजना के अनुकूल हैं?
  2. वार देखें: सप्ताह का दिन कार्य के अनुकूल होना चाहिए।
  3. राहुकाल नोट करें: महत्वपूर्ण शुरुआत इसके बाहर रखें।
  4. विशेष योग देखें: सर्वार्थ सिद्धि या अमृत सिद्धि हरी झंडी है; ज्वालामुखी लाल झंडी है।
  5. चौघड़िया या होरा से अपना समय चुनें।

हमारा रोज़ का पंचांग पेज यह सब आपके शहर के लिए अपने आप करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?
पंचांग पांच अंगों वाला वैदिक दैनिक कैलेंडर है: वार, तिथि, नक्षत्र, योग और करण। यह गतिविधियों की योजना के लिए प्रत्येक दिन की गुणवत्ता बताता है।
आज राहुकाल क्या है?
राहुकाल वार और स्थान के अनुसार रोज़ बदलता है। लाइव पंचांग पेज खोलें और अपना शहर सेट करके आज का सटीक राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल देखें।
पंचांग में सबसे शुभ योग कौन सा है?
सामान्य शुरुआत के लिए सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि सबसे अधिक चाहे जाने वाले शुभ योग हैं। द्विपुष्कर और त्रिपुष्कर फल बढ़ाते हैं; ज्वालामुखी से बचा जाता है।
क्या पंचांग स्थान के अनुसार बदलता है?
हां। सूर्योदय, सूर्यास्त, तिथि और नक्षत्र की सीमाएं समय क्षेत्र के साथ बदलती हैं, इसलिए भारत और अमेरिका में एक ही तारीख को अलग पंचांग दिख सकता है। हमारे कैलेंडर पेज स्थान अनुसार हैं।

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